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Friday, 3 August 2012

राखी आई राखी आई



राखी आई राखी आई
भाई बहन के स्नेह बंध का
यह त्यौहार अनोखा लाई
राखी आई राखी आई
पहन चुनरी ,मंहदी चूड़ी
बहना भी सजधज कर आई
राधा और रुकमा को लाई
राखी आई राखी आई
फैनी घेवर और मिठाई
फल और राखी बहना लाई
रंग बिरंगी राखी ला कर
अपने भैया को पहनाई
केवल धागा नहीं है राखी
रक्षा का बंधन है राखी
बांध कलाई पर राखी को
बहना देती दुआ भाई को |

10 comments:

Rajesh Kumari said...

बहुत प्यारी कविता रक्षाबंधन के उपलक्ष में

lataspeaks said...

Sunder bhav hain.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (04-08-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

surendrshuklabhramar5 said...

रंग बिरंगी राखी ला कर
अपने भैया को पहनाई
केवल धागा नहीं है राखी
रक्षा का बंधन है राखी
आदरणीया आशा जी भाई बहना के प्यार का अनमोल खजाना है ये राखी तो .......प्रेम का उपहार ...जीवन रक्षा सब कुछ ..बधाई हो
भ्रमर ५

surendrshuklabhramar5 said...

आदरणीया राजेश कुमारी जी , लता जी , और शास्त्री जी आप सब को तथा सभी मित्रों को राखी की शुभ कामनाएं ..प्रोत्साहन हेतु बहुत बहुत आभार ..आशा जी को बधाई
भ्रमर ५

"रुनझुन" said...

बहुत ही प्यारी कविता है... थैंक्यू !!!

सदा said...

बहुत बढिया

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

सुंदर रचना....
रक्षाबंधन की सादर बधाइयाँ...

surendrshuklabhramar5 said...

प्रिय रुनझुन जी, आदरणीया सदा जी , आदरणीय संजय मिश्र हबीब जी आप सब को ये रचना राखी की भायी सुन ख़ुशी हुयी अपना स्नेह और प्रोत्साहन बनाये रखें

रक्षा बंधन की हार्दिक बधाई आप सपरिवार तथा मित्र मण्डली को भी ...
भ्रमर ५

Asha Saxena said...

आप सब को हार्दिक धन्यवाद टिप्पणी के लिए |
आशा